ए. एच. एग्री. इंटर कॉलेज दुधारा में स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गयी
सेमरियावां संत कबीर नगर। सोमवार को ए. एच. एग्री. इंटर कॉलेज दुधारा में स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षक मोहम्मद इश्तियाक अंसारी व संचालन मोहम्मद परवेज अख्तर ने किया। प्रधानाचार्य संजय द्विवेदी ने कहा कि विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति की सुगंध पूरी दुनिया में विखेरी। वे युवाओं को राष्ट्र की रीढ़ मानते थे। वे कहते थे कि- मेरे देश को ऐसे नौजवान चाहिए जिनकी मांसपेशियां फौलाद की हों और नसों में बिजली दौड़ती हो। उनका सपना भारत को आत्मनिर्भर, शिक्षित और आध्यात्मिक रूप से जागरूक बनाना था।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद भले ही अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके प्रेरणादायक विचार विरासत के रूप में आज भी युवाओं को सफल जीवन की बढ़ने, मेहनत करने और लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा देते हैं। स्वामी विवेकानंद की जयंती पर आप उनके उनके विचारों को अपनाने का प्रण लें और अपने लक्ष्य में आने वाली बाधाओं को दूर कर सफलता के शीर्ष पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का कहना था कि विपरीत परिस्थिति में भी हिम्मत नहीं हारना चाहिए।
पहले हर अच्छी बात का मजाक बनता है फिर विरोध होता है और फिर उसे स्वीकार कर लिया जाता है। एक अच्छे चरित्र का निर्माण हजारो बार ठोकर खाने के बाद ही होता है। खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है। सत्य को हजार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी वह एक सत्य ही होगा। बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप है।
इस अवसर पर फसीहुद्दीन, मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद शाहिद, कमरे आलम सिद्दीकी, ओबैदुल्लाह, जुनेद अहमद, हकीमुल्लाह, ओजैर अहमद, अखिलेश कुमारी, सबीह अहमद, असादुल्लाह, रफी अहमद अंसारी आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट: अताहरुल बारी
0 Comments