ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव व तकनीकी सहायक से 30.89 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश
आयुक्त बस्ती मंडल के आदेश पर शुरू हुई जांच में ग्राम पंचायत बढ़या माफी संतकबीरनगर में विकास कार्यों में सामने आई वित्तीय अनियमितता
कलेक्टर जिला कार्यक्रम समन्वयक संतकबीरनगर ने दिए रिकवरी के आदेश, ग्राम प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक पर विभागीय कार्रवाई भी होगी
बस्ती। मंडल के संतकबीरनगर जिले के बढ़या माफी ग्राम पंचायत में 30 लाख रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया है। यह घोटाला पंचम वित्त व 15वां वित्त व मनरेगा से जुड़ी परियोजनाओं में किया गया है। आयुक्त बस्ती मंडल अखिलेश सिंह के आदेश पर बढ़या माफी ग्राम पंचायत में विगत वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की जांच में बड़ी और चौंकाने वाली अनियमितता सामने आई है। जांच में पाया गया है कि ग्राम पंचायत बढ़या माफी के प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव तथा तकनीकी सहायक के द्वारा ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी करते हुए 30 लाख 89 हजार रुपए का गोलमाल किया गया है। जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर जिला कार्यक्रम समन्वयक संत कबीर नगर ने ग्राम प्रधान बढ़या माफी, ग्राम पंचायत सचिव व तकनीकी सहायक से संबंधित धन की रिकवरी का आदेश जारी किया है।
बता दें कि बस्ती मंडल के संत कबीर नगर जिले के सेमरियांवा ब्लॉक के बढ़या माफी निवासी शहजाद पुत्र मोहम्मद अमीन ने ग्राम पंचायत बढ़या माफी में विगत वर्षों में कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत आयुक्त बस्ती मंडल से की थी। इस मामले में आयुक्त की ओर से मंडलीय प्राविधिक परीक्षक को जांच के निर्देश दिए गए थे। मंडलीय प्राविधिक परीक्षक की ओर से जो जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, उसमें पांच परियोजनाओं में कल 768796 रुपए की वसूली प्रस्तावित करने के साथ ही आठ परियोजनाओं में कुल 2485043 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट बस्ती मंडल के कमिश्नर अखिलेश सिंह ने जिलाधिकारी संत कबीर नगर को भेज दिया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार पंचम वित्त व 15वां वित्त से संबंधित परियोजनाओं में 164293 की वसूली सुनिश्चित की गई है। यह धनराशि ग्राम प्रधान बढ़या माफी अर्जुन प्रसाद, ग्राम पंचायत सचिव योगेंद्र कुमार गौड़ व कंसलटिंग इंजीनियर मनमोहन प्रजापति से समान रूप से वसूली जाएगी
वहीं, मनरेगा परियोजनाओं में भी बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया है। जांच में सामने आया है कि 604403 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। वहीं, मनरेगा की आठ परियोजनाओं में कुल 2485043 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई है। इस धनराशि को ग्राम प्रधान अर्जुन प्रसाद, संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व संबंधित तकनीकी सहायक से समान रूप से वसूली जाएगी।
जिलाधिकारी संतकबीरनगर आलोक कुमार ने इस पूरे प्रकरण में जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम प्रधान के विरुद्ध पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई प्रारंभ करने का आदेश दिया है। वहीं, संबंधित ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए 164293 रुपये की वसूली कर संबंधित खाते में जमा कराने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा कार्यक्रम अधिकारी व खंड विकास अधिकारी सेमरियांवा को निर्देशित किया है कि वहमनरेगा योजना के अंतर्गत निर्धारित वसूली की धनराशि 3089448 रुपये की वसूली संबंधित से कराकर संबंधित खाते में जमा कराएं।
Report- Atahrul Bari
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